क्या ये सोलर सेक्टर का अगला Waaree? सरकार के ₹30,000 करोड़ के दांव से मिलेगा बड़ा बूस्ट...

क्या ये सोलर सेक्टर का अगला Waaree? सरकार के ₹30,000 करोड़ के दांव से मिलेगा बड़ा बूस्ट…

Waaree : भारत में सोलर सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है और सरकार ने हाल के बजट व योजनाओं में करीब ₹24,000–30,000 करोड़ तक की सहायता सोलर विनिर्माण, मॉड्यूल और रूफटॉप सोलर को बढ़ाने के लिए रखी है। इसका सीधा फायदा उन कंपनियों को मिल रहा है जो भारत में ही सोलर सेल और मॉड्यूल बना रही हैं।

Indosolar पर Waaree ग्रुप की मजबूत पकड़

Indosolar Ltd अब Waaree Energies की सब्सिडियरी बन चुकी है, जिसे NCLT की मंजूरी के बाद अधिग्रहित किया गया था। इस अधिग्रहण से Waaree की कुल सोलर सेल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता लगभग 5.4 GW तक बढ़ाने का रोडमैप बना, जो पहले 4 GW पर प्लान थी। इससे Indosolar को टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट और ऑर्डर बुक – तीनों मोर्चों पर बड़ा सपोर्ट मिला है

उत्पादन क्षमता और नई मैन्युफैक्चरिंग गतिविधि

Waaree के अधिग्रहण के बाद Indosolar ने नई सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी शुरू की, जिसका उद्घाटन 2024 में किया गया। कंपनी अब सेल के साथ मॉड्यूल सेगमेंट में भी सक्रिय है, जिससे वैल्यू चेन का बड़ा हिस्सा कवर हो रहा है। सरकारी “मेड इन इंडिया” जोर और घरेलू मॉड्यूल व सेल की अनिवार्यता जैसे नियम इस तरह की कंपनियों के लिए अनुकूल माहौल बना रहे हैं।

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वित्तीय प्रदर्शन: घाटे से मुनाफे की ओर

Waaree टेकओवर के बाद Indosolar का वित्तीय प्रदर्शन तेज़ी से बदला है और कंपनी FY25 में करीब ₹55 करोड़ का नेट प्रॉफिट दिखा चुकी है, जबकि पहले यह घाटे में थी। Q2 FY26 में कंपनी की तिमाही बिक्री लगभग ₹202 करोड़ तक पहुंच गई, जो पिछली साल की समान तिमाही की तुलना में कई गुना ज्यादा है। मार्जिन और रिटर्न ऑन इक्विटी में सुधार के साथ कंपनी ऑपरेशनल लेवल पर भी स्थिरता की तरफ बढ़ती दिख रही है

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कर्ज, बैलेंस शीट और वैल्यूएशन

Indosolar ने पिछले एक साल में अपना लॉन्ग-टर्म कर्ज लगभग ₹98.93 करोड़ से घटाकर करीब ₹35 करोड़ तक ला दिया है, जिससे बैलेंस शीट काफी हल्की हुई है। शेयरहोल्डर फंड भी निगेटिव स्तर से बढ़कर करीब ₹40 करोड़ पॉजिटिव हो चुका है, जो टर्नअराउंड का संकेत देता है। मार्केट में यह शेयर अपने ऑल टाइम हाई से अच्छी छूट पर ट्रेड कर रहा है, जिस वजह से वैल्यूएशन पर चर्चा तेज है

यह सामग्री केवल शैक्षिक और सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है और इसे किसी भी प्रकार की निवेश सलाह या खरीद-बिक्री की सिफारिश नहीं माना जाए। शेयर बाजार और डेरिवेटिव में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं और पूंजी हानि की संभावना हमेशा बनी रहती है; निवेश का निर्णय पूरी तरह निवेशक की अपनी जिम्मेदारी है।

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