डिफेंस सेक्टर पिछले कुछ सालों में तेज रैली दे चुका है और Budget 2026 में भी इस पर फोकस रहने की उम्मीद है। मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक बाजार को डिफेंस बजट में लगभग 8-10% तक बढ़ोतरी की उम्मीद है, वहीं कुछ ब्रोकरेज इसे 15-20% तक मान रहे हैं, जिससे डिफेंस अलोकेशन करीब 1.80 लाख करोड़ रुपये से ऊपर जा सकता है। हाल के भू-राजनीतिक तनाव और ऑपरेशन सिंदूर जैसे घटनाक्रम ने सरकार को डिफेंस इंपोर्ट घटाकर घरेलू मैन्युफैक्चरिंग बढ़ाने के लिए प्रेरित किया है। ऐसे माहौल में ऑर्डर बुक मजबूत वाली कंपनियों में बेहतर ग्रोथ की संभावना मानी जा रही है
रेलवे में भारी कैपेक्स और नए प्रोजेक्ट
बजट 2025-26 में इंडियन रेलवे के लिए 2.52 लाख करोड़ रुपये का कैपिटल एक्सपेंडिचर रखा गया था और दिसंबर 2025 तक रेलवे इस अलोकेशन का 80% से ज्यादा इस्तेमाल कर चुका है। इंडस्ट्री अनुमानों के अनुसार, Budget 2026 में रेलवे कैपेक्स में करीब 5% तक बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे अनुमानित खर्च लगभग 2.65 लाख करोड़ रुपये के आसपास पहुंच सकता है। फोकस ट्रैक अपग्रेडेशन, सेमी हाई-स्पीड कॉरिडोर, सिग्नलिंग सुधार और वंदे भारत, नमो भारत व अमृत भारत जैसी ट्रेनों के विस्तार पर रहने की संभावना है। ऐसे माहौल में RVNL, इरकॉन, ज्यूपिटर वैगन्स जैसी कंपनियों पर बाजार की नज़र बनी हुई है।
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इंफ्रास्ट्रक्चर में कैपिटल एक्सपेंडिचर का दम
सरकार के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर अभी भी ग्रोथ का मुख्य इंजन है और पिछले Budget में कुल कैपिटल एक्सपेंडिचर 11.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया था। सड़क, रेलवे, रक्षा और पावर इंफ्रा पर पब्लिक कैपेक्स जारी रहने की उम्मीद है, साथ ही सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय के लिए अलोकेशन में 9-10% की संभावित बढ़ोतरी का अनुमान है। रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए 25,000 करोड़ रुपये का सेफ्टी बफर भी विचार कर रही है, जिससे ऑर्डर फ्लो मजबूत रह सकता है। ऐसे वातावरण में L&T, सीमेंस इंडिया, ABB इंडिया और BHEL जैसी इंजीनियरिंग व EPC कंपनियां प्रमुख लाभार्थी मानी जा रही हैं।
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इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और ऑटो सेक्टर की रफ्तार
भारत में EV बाजार 2025 में लगभग 23 लाख यूनिट की बिक्री के साथ नई ऊंचाई पर पहुंचा, जो नए रजिस्ट्रेशन का करीब 8% है। PM e-DRIVE योजना के लिए सरकार ने करीब 10,900 करोड़ रुपये का बजट तय किया है, जिसका लक्ष्य चार्जिंग इंफ्रा और ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देना है। बजट 2026 से EV और ऑटो सेक्टर के लिए PLI, टैक्स स्ट्रक्चर की स्थिरता और एक्सपोर्ट चेन को सपोर्ट जारी रहने की उम्मीद है। मारुति सुजुकी, TVS मोटर, आयशर मोटर्स, बजाज ऑटो और हीरो मोटोकॉर्प जैसी कंपनियां ऑटो डिमांड रिकवरी और ग्लोबल वैल्यू चेन पहल के चलते फोकस में हैं।
रियल एस्टेट, केमिकल्स व फर्टिलाइजर में अवसर
रियल एस्टेट सेक्टर में पिछले चार क्वार्टर से बिक्री दबाव में रही है, लेकिन सरकार से PMAY-हाउसिंग फॉर ऑल जैसी योजनाओं को मजबूत करने, स्टांप ड्यूटी को तर्कसंगत बनाने और टैक्स डिडक्शन बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे Prestige Estates, Oberoi Realty जैसे प्रीमियम प्लेयर और Godrej Properties, Puravankara जैसे किफायती सेगमेंट की कंपनियों को लाभ मिल सकता है। वहीं फर्टिलाइजर सेक्टर में यूनिफॉर्म टैक्सेशन, ITC रिफंड में तेजी और सरल लाइसेंसिंग जैसी मांगें उठ रही हैं, जिन पर सकारात्मक कदम FACT, RCF और Coromandel Fertilisers जैसी कंपनियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकते हैं।
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